दूरियां
Posted by Amar Singh in General
इंसानी रिश्ते बड़े अजीबोगरीब होते है. कभी-अभी वर्षों के साथी बिछड जाते है और असमान्य रूप से जिनसे कोई अपेक्षा नहीं होती, आकर जुड जाते है. नजदीकी रिश्तों में प्रविष्ट दूरियां काफी खतरनाक होती है क्यूंकि रिश्ते की यह दूरी सहज संवाद की प्रक्रिया को भी खत्म कर देती है. “इंदिरा जी भारत है और भारत इंदिरा जी”, का यह पर्यायवाची नारा देने वाले, श्री देवकांत बरुआ जब इंदिरा जी से दूर हुए तो क्या हुआ? शानदार व्यक्तित्व के स्वामी …