Jul 29

दूरियां

Posted by Amar Singh in General

इंसानी रिश्ते बड़े अजीबोगरीब होते है. कभी-अभी वर्षों के साथी बिछड जाते है और असमान्य रूप से जिनसे कोई अपेक्षा नहीं होती, आकर जुड जाते है. नजदीकी रिश्तों में प्रविष्ट दूरियां काफी खतरनाक होती है क्यूंकि रिश्ते की यह दूरी सहज संवाद की प्रक्रिया को भी खत्म कर देती है. “इंदिरा जी भारत है और भारत इंदिरा जी”, का यह पर्यायवाची नारा देने वाले, श्री देवकांत बरुआ जब इंदिरा जी से दूर हुए तो क्या हुआ? शानदार व्यक्तित्व के स्वामी …

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Jul 22

हम बोलेंगे तो बोलोगे कि बोलता है!

Posted by Amar Singh in General

बोलना और डोलना सन्यासी और राजनेता का कर्म और धर्म है. प्रश्न यह है कि बोले क्या, और जनाब आप डोले कहाँ? अगर आपके बोलने और डोलने की डगर ठीक है तो आपको रमेश भाई, मुरारी बाबू की भांति अध्यात्मिक शिष्य और राजनीति में है तो असंख्य प्रशंसक मिल जाएँगे. जरूरी नहीं है कि आपके धार्मिक सत्संग का श्रवण करने वाले श्रोता संत प्रवत्ति के हो जाएँ और यह भी आवश्यक नहीं कि आपकी रैली में उपस्थित रेला आपका मतदाता …

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Jul 17

लागा चुनरी में दाग मिटाऊं कैसे?

Posted by Amar Singh in General

आज अखबार में पढ़ा, अपने पुराने पहलवान नेता की माफीनामा का दांव देखा. भारतीय जनता पार्टी की मदद से तीन बार मायावती जी मुख्यमंत्री बनी, श्री नरेन्द्र मोदी के पक्ष में गुजरात जाकर प्रचार किया, फिर भी मुसलमान भाइयों को इतना बुरा नहीं लगा और गाहे बगाहे कई क्षेत्रों में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की हिमायत भी कर दी. इसके पीछे का कारण कि मायावती जी के भाजपाई रिश्ते के मुकाबले मुलायम सिंह जी की एक भूल भी मुसलमान माफ …

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Jul 12

सर कटा सकते है लेकिन सर झुका सकते नहीं

Posted by Amar Singh in General

संघर्ष भीषण, उग्र, संवेदनशील, क्रूर और दुःखदायी होता है. बुलन्दशहर के आम क्षत्रिय भईयों ने एवं विधायक नागर ने एक छोटी पांच लाख की राशि एवं पुराने प्रशासन के दो पूर्व नियुक्त क्षत्रिय अधिकारी ठाकुर अभिषेक सिंह एवं क्षत्राणी श्रीमती राधा सिंह की प्रशासनिक सक्रियता और भाई जीतू ठाकुर द्वारा संगृहीत लाखों की राशि ने उदयपुर की बाईस फिट के महाराणा प्रताप की प्रतिमा के बाद साढे ग्यारह फिट की प्रतिमा का निर्माण बुलंदशहर में कर दिखाया. मुझे इस प्रतिमा …

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Jul 6

धर्मनिरपेक्षता का भाजपाईकरण

Posted by Amar Singh in General

कहीं कभी आपने देखा या सुना है कि सांप और नेवला साथ-साथ हों. यह अजूबा पिछले दिनों भारतीय राजनीति में देखने को मिला. भाई अरुण जेटली और अखिलेश यादव एक ही दिन एक ही कार्यक्रम में एक ही शहर में गिरफ्तार हुए. हद तो तब हो गई जब सपा नेता अबू आजमी और श्री गोपीनाथ मुंडे मुम्बई में हाथ में हाथ डाले एक साथ गिरफ्तार हुए. वामपंथी नेताओं ने जब सदन में महंगाई के मुद्दे पर “कट मोशन” लाया तो …

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Jul 1

रिश्ते

Posted by Amar Singh in General

रिश्तों की डोर बड़ी नाजुक होती है. इसको निभाने के लिए किसी ना किसी को झुकना होता है या टूटना होता है. अक्सर जो बड़ा होता है, समर्थ होता है, समझौता वही करता है. एक मित्र का यहाँ लन्दन में एक खाली बड़ा घर है पर राजपरिवार से सम्बद्ध मेरी पत्नी किसी के घर नहीं रुकना चाहती. लन्दन का सेंट जेम्स कोर्ट होटल भारतीयों का अड्डा है. हमारी मैडम को टर्की के बाद यहीं आकर हमारी बेटियों दृष्टि और दिशा …

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Jun 26

गुजरा हुआ ज़माना आता नहीं दोबारा हाफ़िज़ खुदा तुम्हारा

Posted by Amar Singh in General

आज बहुत दिनों बाद ब्लॉग लिख रहा हूँ. पिछले कुछ दिनों से अपने डाक्टरों की सलाह पर विश्राम के लिये विदेश में हूँ. साथ में सिर्फ मेरी पुत्रियाँ दृष्टि और दिशा और पत्नी पंकजा है. बिना अपने मित्रों के शुद्ध परिवार के साथ यह मेरी प्रथम विदेश यात्रा है. इस यात्रा का पहला लाभ तो यह हुआ कि मैने अपनी ही बेटियों को अच्छी तरह पहली बार नजदीक से जाना और पहचाना. दृष्टि मेरी तरह जिद्दी और संवेदनशील और दिशा …

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Jun 19

सार्वजनिक जीवन की नैतिकता

Posted by Amar Singh in General

आज अंगरेजी के एक अखबार में मेरा मंतव्य आया कि यदि मै स्वयं राज्यसभा सदस्य बना हुआ हूँ तो जया बच्चन जी का पुनः राज्यसभा में जाना मुझे बुरा क्यूँ लगा? जया जी कतई राजनीति में नहीं थी और वह राज्यसभा में मेरे द्वारा लाई गई थी. पिछले १४ वर्षों से मैने पार्टी के लिए उतना काम-काज किया जितना किसी भी बड़े या छोटे नेता ने नहीं किया होगा. मैने अमित जी को स्पष्ट कहा था कि आप जयाजी की …

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Jun 11

एंडरसन के पलायन का जिम्मेदार कौन?

Posted by Amar Singh in General

“यूनियन कारबाइड” विभीषिका पर काफी टिप्पणी चल रही है. घटना मध्य प्रदेश की है. पुलिस केस भी वहीं का है. भोपाल के तत्कालीन जिलाधीश श्री मोती सिंह और तत्कालीन नागरिक उड्डयन विभाग के प्रभारी श्री आर.सी. सोंधी का बयान भी तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अर्जुन सिंह जी की तरफ उंगली उठा रहा है. ऐसे में अमरीकी दबाव पर तब की केंद्र सरकार पर आरोप लगाना, अटकलों के बाजार को सरेआम गर्मी देने की तरह है. इस अमानवीय दुर्घटना के लिए …

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Jun 9

अरे! वह फिर बोला

Posted by Amar Singh in General

मेरे ब्लॉगर साथियों मैने कहा था कि अपनी पुरानी पार्टी का नाम नहीं लूँगा. उत्तर प्रदेश बड़ा प्रदेश है और यहाँ की राजनीति और दल देश को प्रभावित करते है. आज बात व्यक्ति की नहीं मुद्दे की हो रही है. अपने साथियों को मेरी पुरानी पार्टी के नए प्रवक्ता बेशरम, कमीना, नुमायशी चीज कहें तो यह समाजी सवाल नहीं है, एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को दी गई गाली मात्र है. परन्तु डोमरियागंज के नतीजे के बाद इन महोदय का …

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