बदलाव
Posted by Amar Singh in General
जीवन परिवर्तनशील है और बदलाव जीवन की एक नितांत सत्यता. बदलाव सिर्फ बड़े होटलों की लाबी का ही नहीं, इंसानी रिश्तों का भी होता है. निर्जीव बदलाव पीड़ाहीन और सजीव बदलाव पीड़ायुक्त होता है. बदलाव एक विभीषिका के बाद का वरदान भी हो सकता है. जापान को ही देख ले, हिरोशिमा और नागासाकी के बाद यह देश आधुनिक विश्व में तकनीकी के क्षेत्र का सबसे बड़ा विकसित देश बना. युगों की संस्कृति की धरोहर का हमारा यह महान देश आज …