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May 3

गुजरा हुआ ज़माना आता नहीं दोबारा

Posted by Amar Singh in General

कलकत्ता मेरा पुराना शहर है, आज भी मेरा वहाँ घर है और मै अपना आयकर भी वहीं चुकाता हूँ. कल कुछ अपरिहार्य कारणों से मेरा कलकत्ता जाना हुआ. कार्यक्रम के पूर्व मुझे मेरे कार्यालय में श्री बसंत कुमार बिरला एवं श्रीमती सरला बिरला के ७०वें वैवाहिक जीवन की वर्षगांठ के उत्सव का निमंत्रण दिखा. बसंत कुमार जी एवं सरला जी से मेरी खास घनिष्ठता कभी नहीं रही परन्तु बिरला परिवार के एक दूसरे सदस्य स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार बिरला जी …

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Apr 22

वर्ष २००६, नैतिकता और शांति भूषण

Posted by Amar Singh in General

अनावश्यक रूप से मीडिया और तथाकथित सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के निशाने पर एक विवादित व्यक्तित्व के रूप में मै आ गया हूँ. भ्रष्टाचार एक भयंकर व्याधि है जो हमारे समाज की अपरिहार्य संस्कृति बन गयी है. नकद लेते हुए भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण की तस्वीर याद कीजिये, छत्तीसगढ़ के बड़े भाजपाई नेता दिलीप सिंह जी का विडियो स्टिंग याद कीजिये, बेल्लारी माइंस के अवैध खनन के आरोपी येदुरप्पा सरकार के रेड्डी बंधुओं का सुमिरन …

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Apr 12

क्या नेता ही चोर?

Posted by Amar Singh in General

आज जिस विषय पर मैं लिखने जा रहा हूँ, संभवतः वह समय की धारा के अनुकूल कतई नहीं, प्रतिकूल अवश्य है. मैने समाजवादी दल से अपने निष्कासन के बाद सदैव अपने पुराने दल के नए प्रवक्ता मोहन की गालियाँ सुनी और उसे भी ढेरों सुनाई. अन्ना हजारे जी का बयान कि राजनेताओं को चील कौवों के हवाले कर दो. सुश्री उमा भारती और श्री ओमप्रकाश चौटाला को अपमानित कर भगा दो, क्योंकि ये नेता है. इस परिपेक्ष्य में समाजवादी प्रवक्ता …

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Mar 29

लागा चुनरी में दाग

Posted by Amar Singh in General

समाजवादी पार्टी से निकाले जाने के बाद कई क्षत्रिय भाई मुझसे मिले. भाई हरिवंश सिंह मुंबई में रहते है और संपत्ति का काम करते है. बाबा हरदेव पूर्व अधिकारी है. ये सब इकट्ठे थे. सबने मिल कर क्षत्रिय चेतना रथ निकाला और खूब भीड़ हुई. परन्तु बाबा चौधरी अजीत सिंह के उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष बन बैठे. दूसरी तरफ, भाई हरिवंश जो पहले कांग्रेस में थे, फिर सपा से चुनाव लड़े और अब जौनपुर से अपने पुत्र को बसपा …

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Mar 24

नैतिकता का दोहरा मापदंड

Posted by Amar Singh in General

अच्छाई, बुराई, रात, दिन, अरुणोदय की लालिमा, अमावस्या की कालिमा, यश, अपयश, भूख, प्यास, अमीरी, गरीबी, सच, झूठ, मक्कारी, ऐयारी, कृतज्ञता, कृतघ्नता, अन्धकार, प्रकाश, काम, क्रोध, लोभ, मोह, तृष्णा, संतुष्टि, मृगत्रिष्णा, यथार्थ, कल्पना, भावना, भंगिमा, संकल्प, अधिकार, कर्तव्य, कायरता, नीति, दुर्नीति, प्रसिद्धी, गुमनामी, यह शब्द नहीं बल्कि शाश्वत एवं अनंत मानव समाज की अनुभूतिया है जिनका प्रतिपादन और प्रतिफल का दायरा तय करने की आधारशिला हमारी नैतिकता है. यह नैतिकता एक महीन डोर है और यह डोर ना टूटे, कायम …

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Mar 21

मैं शर्मिन्दा नहीं

Posted by Amar Singh in General

आजकल हर मौके-बेमौके विपक्ष पक्ष को शर्मिन्दा करने में लगा हुआ है. आदर्श हाऊसिंग स्कैम में कांग्रेस ने अपने मुख्यमंत्री श्री अशोक चौहान की बलि दे दी. कामन वेल्थ गेम में अहंकारी सुरेश कलमांडी की शहादत हुई. ए.राजा प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी हुई. ए. राजा को मंत्री बनाने में टाटा-राडिया टेप के अनुसार बरखा दत्त, वीर सांघवी, कानीमोजी की भूमिका पर तो टिप्पणी की जा सकती है लेकिन ए.राजा की मंत्रिमंडल नियुक्ति प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अधिकार क्षेत्र के …

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Mar 12

टुच्चापन

Posted by Amar Singh in General

राजनीति रंडी है या चंडी, सती साध्वी रमणी नहीं, ऐसा माननीय चंद्रशेखर जी ने अपनी ‘जेल डायरी’ में राजनीति को परिभाषित करते हुए लिखा था. राजनीति में विरोध नीति का हो, विचारों का हो, खुलासा घोटालों का हो, यह तो सहने लायक बात है. लेकिन राजनीति में चरित्र हनन के कुत्सित प्रयास हों, इससे टुच्ची और गंदी बात नहीं हो सकती. मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा में श्री जार्ज फर्नांडीज, श्री जनेश्वर मिश्र और श्री मुलायम सिंह यादव के पक्के चेले सुनीलम …

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Mar 11

मैं हूँ ना

Posted by Amar Singh in General

जी हाँ! मैं हूँ ना! ममता दीदी नाराज है, मत घबराएं. करुनानीधि जी की करुणा घट गई, शांत रहें. संकट मोचक, मैं हूँ ना. उत्तर प्रदेश के छः जिलों के नेतृत्व से शुरू हुए एक दल के स्वयंभू राष्ट्रीय नेता मान ना मान मै तेरा मेहमान की तर्ज पर बार-बार लगातार केन्द्र की सरकार के हर संकट पर कहें, कि मैं हूँ ना, सरकारी प्रबंधकों ने भी मुस्कुरा के हवा देते हुए बताया कि हमें तुमसे कुछ भी ना चाहिए, …

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Feb 10

टेलीफोन टैपिंग की वैधता का प्रश्न

Posted by Amar Singh in General

टेलीफ़ोन टैपिंग टाटा-नीरा राडिया, बरखा-सांघवी संवाद की रोचकता एवं तथ्यता के बाद, राजा की गिरफ्तारी की कवायद के बाद एक बड़ा सवाल बनी. टाटा जैसे लोग जो नीरा राडिया के माध्यम से मेरे राजनैतिक बयान के विरोध में मानहानि का आपराधिक मुकदमा बना तक लड़ कर हार चुके है, उच्चतम न्यायालय द्वारा मेरे फोन टैपिंग को प्रसारण से रोकने के स्टे के निर्णय के पीछे खड़े दिखाई देने लगे. सुप्रीम कोर्ट बड़ी अदालत है, प्रधानमंत्री, सी.वी.सी. से शुरू कर मुझ …

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Feb 7

हम तुम और वो

Posted by Amar Singh in General

दाम्पत्य जीवन के हम और तुम पति-पत्नी, लोकशाही के हम और तुम पक्ष-विपक्ष, तो वो कौन है? “वो” वह है, जिसके नाम पर हम सभी दुष्कर्म करते है. यह मैने भी किया है, संसद में तर्कपूर्ण भाषण देना, हारे मुलायम को जुगाड़ी विधायकों की ताकत से मुख्यमंत्री बना देना, नुक्लियर डील के लिए सरकार बचा देना या फिर किसी बेबुनियाद मुद्दे को मुद्दा बना कर पेशबंदी की सियासत करना, यही अगर राजनीति है, तो मैने खूब की है. पर गजब …

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