गुजरा हुआ ज़माना आता नहीं दोबारा
Posted by Amar Singh in General
कलकत्ता मेरा पुराना शहर है, आज भी मेरा वहाँ घर है और मै अपना आयकर भी वहीं चुकाता हूँ. कल कुछ अपरिहार्य कारणों से मेरा कलकत्ता जाना हुआ. कार्यक्रम के पूर्व मुझे मेरे कार्यालय में श्री बसंत कुमार बिरला एवं श्रीमती सरला बिरला के ७०वें वैवाहिक जीवन की वर्षगांठ के उत्सव का निमंत्रण दिखा. बसंत कुमार जी एवं सरला जी से मेरी खास घनिष्ठता कभी नहीं रही परन्तु बिरला परिवार के एक दूसरे सदस्य स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार बिरला जी …