टेलीफ़ोन टैपिंग टाटा-नीरा राडिया, बरखा-सांघवी संवाद की रोचकता एवं तथ्यता के बाद, राजा की गिरफ्तारी की कवायद के बाद एक बड़ा सवाल बनी. टाटा जैसे लोग जो नीरा राडिया के माध्यम से मेरे राजनैतिक बयान के विरोध में मानहानि का आपराधिक मुकदमा बना तक लड़ कर हार चुके है, उच्चतम न्यायालय द्वारा मेरे फोन टैपिंग को प्रसारण से रोकने के स्टे के निर्णय के पीछे खड़े दिखाई देने लगे. सुप्रीम कोर्ट बड़ी अदालत है, प्रधानमंत्री, सी.वी.सी. से शुरू कर मुझ से छोटे आदमी पर भी टिप्पणी कर सकती है कि मै एकाएक श्रीमती सोनिया गांधी का नाम अपनी पिटीशन से वापस ले कर न्यायालय की कीमती वक्त बर्बाद कर रहा हूँ. विनम्रता से इसे सुनने के अलावा विकल्प क्या है.
देश के अटार्नी जनरल गुलाम वानवती कोर्ट में बयान देते ही कहते है कि अमर सिंह का फोन केन्द्र सरकार के किसी विभाग द्वारा टैप नहीं किया गया, यह अनाधिकृत कार्य है. दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता श्री गोपाल सुब्रमनियम कहते है कि मुख्य अभियोगी पकडे गए है उनपर इस अनैतिक कृत्य का मुकदमा चल रहा है एवं रिलायंस को पुलिस द्वारा अमर सिंह के फोन की टैपिंग का आदेश फर्जी दस्तावेज है. जब आरोपी पकड़ा जा चुका है, मेरे साथ-साथ, रिलायंस कम्पनी के साथ भी फर्जीवाड़ा हुआ, केंद्र सरकार का भी मेरी टैपिंग से लेना-देना नहीं तो मुझे इतना ही कहना है कि मेरी पिटीशन का मुख्य मुद्दा श्रीमती सोनिया गांधी जी नहीं है. मुद्दा है: (अ) मेरा फोन बिना किसी जिम्मेदार सरकारी आदेश के फर्जीवाड़े से गलत टैप हुआ; (ब) पी.यूं.सी.एल. केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गए अवैध फोन टैपिंग रोकने के मानक पूरे नहीं किये गए; (स) मेरे राजनैतिक विरोधियों के खिलाफ कार्यवाही से ज्यादा जरूरी है कि मेरी प्राइवेसी या भारतीय नागरिक की संविधान में सुरक्षित निजता का हनन रोकने के लिए न्यायालय कानून बनाने का निर्देश दे.
मेरे तत्कालीन दल के तब के नेता धुर कांग्रेस विरोधी श्री मुलायम सिंह की मानसिकता एवं अपराधी अनुराग सिंह की गलत खबर के आधार पर सोनिया जी के आरोप को तबके मुख्य न्यायाधीश श्री सब्बरवाल ने भी संज्ञान में न लेते हुए कांग्रेस अध्यक्षा को कोई नोटिस नहीं दी थी और अब जब असली अपराधी दिल्ली पुलिस द्वारा पकडे जा चुके है तो सत्यता जानने के श्रीमती सोनिया गाँधी जी के विरुद्ध अभियोग वापस लेना ईमानदारी है और न्यायालय में उठाया गया निजता का उन्लंघन का मेरा मूल प्रश्न अब भी प्रासंगिक है. दुर्भाग्य से टाटा-राडिया टेप में फंसे नर-नारी और पुरुष महिला पत्रकार इसे अनावश्यक तूल दे रहे है. मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि “रियालिटी रियली बाइट्स एंड बक स्टाप्स देयर ओनली”.
“अब जी में है कि सर किसी पत्थर से फोड़ीए,
मुमकिन है कि कल्ब-ए-संग से निकले कोई परी”
aadarniya shri amar singh ji sadar charan sparsh…
sir 2 dino se media mein aapki phonetaping news highlight thi ,bahut se sawal the mann mein jinka answer aaj aapke blog ke madhyam se jankar bahut achha feel hua…..
sir aap such ke liye, aam aadmi ke liye khade ho rahe hai to virodhi bhi dushprachar to karege..
sir jab aapke powerful virodhiyo ki list dekhta hoo to such bolo ,darr jata hoo but vichar aata hai ki shri(great) mahatma gandhiji bhi to akele nikle the desh azad karane log judte gaye karvan banta gaya ….or aapke saath to carodo log hai…..
mein ye sab isliye likhta hoo ki kahi aap jaisa leader desh kho na de jaisa mr shashi thurur ke saath hua , international level pe india ko lead karne wale leader ko andhere mein gumnam kar rahe hai……
sir mein aapse milne ke liye 3 din tak aapke lodhi state aaya wo mera bad luck aapse mil nahi paya, mere jaise carodo log hai jo bina kisi swarth ke aapko desh ki politics mein dekhna chahte hai ……
thanks
Hello Amar Singh ji,
Hope your health is good…..Sir I have some concern about you and your relationship with Bachhan faimly……Sir I am big fan of Bachhan famly..Amitabh,Jaya Ji,Abhishek,Aishwarya……and i want to know are they change after your regin to S.P.
Sir if possible please write something about that…..
I saw a clip of award function where Abhishek bachhan won a award and after that he says first thank you to you…….is the same thing is now or it have changed.
Why i am asking this to you sir because i want to know how the people change according the situation.
If I wrote anything wrong please bear with me.
sir ji aaj pata laga yeh desh gulam kyon raha itne din
Good sir …
finaly your opiniun is correct that correction to be done in by laws regrading public pravicy.
thanks
It might take some time but it is the truth that prevails in the end.
Sir, after knowing the real facts, you have withdrawn the case. this shows your real courage. You do not bother what other people say. Congrats !
Shailza Verma
RESPECTED AMAR SINGH JI,
I APPRECIATE YOUR STAND ON THE SUPREME COURT ISSUE. VERY GOOD ARTICLE AMARSINGHJI. I COMPLETELY AGREE WITH YOU ON THE CONTENT. I HAVE ALWAYS BEEN ENTRANCED WITH YOUR POWERFUL GRAB OF LITERARY HINDI AND ENGLISH LANGUAGE
AMAR SINGH JI P0RV ME MULAYAMVADI HONE ME AAPSE BAHUT GALTIYA HUI HAI MAGAR STAR THEEK THA SAB THIK HOTA GAYA. MAGAR AB……….
AAKHIRKAR AAP ME BDLAW KAB AAYEGA.ACHCHHE SABDDO ME AADARSH KI BAT KARNE EVAM LIKHNE SE KUCHH NAHI HOGA. AAKIRKAL AAP KAB TAK AAPNE EVAM SAMAJ KO DHOKHE ME RAKHEGE.
R.K.Singh [National Secretary] Akhil Bhartiya Kshatriya Mahasabha MAIL- rksbisen@gmail.com. secretaryabkshatriyamahasabha@gmail.com. D-137/8 Indira Nagar Lucknow 9415544100
Respected Amar Singh Ji
I Am a Media Person Belonging To ur Home Town Azamgarh. Recently I have Been Covering All Your Yatras And Rallies In Azamgarh,All I Want To Say Only That “NOW U LOOK MORE STRONG, POWERFUL, APEEALING AND I TOO SENSE A GOOD NEW & STRONG BASE OF PEOPLE LOOKING AND LISTENING U. THAT’S REALLY FINE…”
ALSO I WOULD LIKE TO ASK FOR YOUR PERMISSION TO PUBLISH YOUR BLOG CONTENTS (AS IT IS —NO EDITING) IN MY LOCAL NEWS PAPER “AZAMGARH LIVE”
THANKS
DEV-VRAT SHRIVASTAVA
EDITOR
AZAMGARH LIVE
AZAMGARH U.P.
RESPECTED AMAR SINGH JI,
I APPRECIATE YOUR STAND ON THE SUPREME COURT ISSUE. VERY GOOD ARTICLE AMAR SINGHJI. I COMPLETELY AGREE WITH YOU ON THE CONTENT. I HAVE ALWAYS BEEN ENTRANCED WITH YOUR POWERFUL GRAB OF LITERARY HINDI AND ENGLISH LANGUAGE
AMAR SINGH JI P0RV ME MULAYAMVADI HONE SE AAPSE BAHUT GALTIYA HUI HAI MAGAR STAR THEEK THA SAB THIK HOTA GAYA. MAGAR AB……….
AAKHIRKAR AAP ME BDLAW KAB AAYEGA.ACHCHHE SABDDO ME AADARSH KI BAT KARNE EVAM LIKHNE SE KUCHH NAHI HOGA. AAKIRKAL AAP KAB TAK AAPNE EVAM SAMAJ KO DHOKHE ME RAKHEGE.
R.K.Singh [National Secretary] Akhil Bhartiya Kshatriya Mahasabha MAIL- rksbisen@gmail.com. secretaryabkshatriyamahasabha@gmail.com. D-137/8 Indira Nagar Lucknow 9415544100
अमर बाबू , पता नहीं आपको खबर भी है, लेकिन अंततः ये स्पष्ट होने जा रहा है कि अब हिन्दू जुलाहे अनुसूचित जाति में नहीं गिने जायेंगे | क्योकि उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति में घोषित कोरी जाति को सरकार हिन्दू जुलाहे का पर्याय न मान कर भिन्न मान रही रही है | जब कि पिछले कई सालों से कोरी बुनकर समाज अनुसूचित जाति का आरक्षण लेता चला आ रहा है | ऐसे में यकायक कौन से ऐसे ऐतिहासिक और संवैधानिक दस्तावेज़ सामने आ गये जो सारा मुआमला उलटाया जा रहा है | हिन्दू जुलाहों को पिछड़ी जाति में डाल कर सरकार क्या साबित करना चाहती है ? एक समाज के विकास के रास्ते बंद करके दूसरे चहेते सजातीय समाज के लिए मैदान साफ़ करके, सामाजिक सहिष्णुता और दलित भाईचारे के नाम पर धोखा दे कर, गरीब और सदियों से उपेक्षित रहे बुनकर समाज को अपने इशारों पर नाचने वाले शोध संस्थान की मनगढ़ंत व हास्यास्पद रिपोर्टों के आधार पर अब एकाएक अनुसूचित जाति के आरक्षण से वंचित कर देना न केवल गैर कानूनी है बल्कि तानाशाही की पराकाष्टा भी है |
आदरणीया बहन जी जानती हैं कि प्रदेश कि अनुसूचित जाति सूची में परिवर्धन , अपमार्जन व संशोधन की प्रक्रिया बेहद जटिल व उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय है | इसलिए उन्होंने कोरी जाति का पर्याय हिन्दू जुलाहे को पिछड़ी जाति घोषित करने का फैसला किया है | अब सवाल ये है कि अगर हिन्दू जुलाहे पिछड़े वर्ग के माने जायेंगे तो कोरी किसे कहा जायेगा ? और किन लोगों को इसका लाभ लेने दिया जाएगा ? कोरी को तो उ० प्र० सरकार सूची से हटा नहीं सकती , वो केंद्र सरकार का क्षेत्राधिकार है | इसलिए जानबूझ कर भ्रम पैदा करने व आरक्षण में बाधा डालने के उद्देश्य से बुनकर समाज का उत्पीडन किया जा रहा है | जो बेहद शर्मनाक है एवं सामाजिक न्याय की दुहाई देने वाली सरकार के दोगले चरित्र की ज़मानत देता है |
यहाँ एक तथ्य और ध्यान देने लायक है कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति की तरह पिछड़ी जाति की सूची में भी संशोधन नहीं कर सकती | इस सम्बन्ध में उ०प्र० हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का बेहद सख्त आदेश भी पिछले साल आया था कि राज्य सरकार पिछड़ी जातियों की संख्या बढाकर वोट बैंक की राजनीति कर रही है और अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण कर रही है | ये तथ्य समझ से परे है कि अनुसूचित जाति में कोई नई जाति शामिल करने की पहल बसपा क्यों नहीं करती ? जब मछुआ समुदाय को दलित दर्ज़ा देने की बारी आई थी तो विरोध की कमान स्वयं मायावती जी ने संभाल ली थी |
क्या कोरी और हिन्दू जुलाहे दो पृथक जातियां हैं ?
अपनी पुस्तक ”The Tribes & Castes of Northern Western United Provinces & Oudh ” , Vol 3-4 (1896) में सुप्रसिद्ध मानव शास्त्री W.C. Crooke ने स्पष्ट उल्लिखित किया है कि ” Kori is a Hindu Weaver . ”
इस प्रकार कोरी हिन्दू जुलाहा है | जिसे सम्पूर्ण राज्य में कोरी, जुलाहा , हिन्दू जुलाहा, चंवर जुलाहा , कबीर पंथी जुलाहा , बुनकर कोली जुलाहा के उच्चारणों के साथ पुकारा जाता है |
इस उद्धरण के पश्चात कोई जांच, कोई टिप्पणी , कोई बहस मुबाहिसा और कोई शासनादेश मायने नहीं रखता |
बहुजन समाज पार्टी के गठन में शेष दलितों के साथ साथ कोरी भाइयों का भी अथक प्रयास रहा है | इतना ही नहीं महात्मा गाँधी जी के साथ चाहे आज़ादी की लड़ाई हो या स्व० कांसीराम जी के साथ सामाजिक न्याय की लड़ाई , कोरी जुलाहा बुनकर समाज ने अपना खासा योग दान दिया है और मजबूती के साथ अपना वोट बैंक थामे रख कर उसका फायदा बसपा को पिछले कई चुनावों में दिया है |
लेकिन अब लगता है कि शायद बहन जी को इनकी ज़रुरत नहीं रह गयी है …………
Dear sir, mulayam singh ji ko sirf satta se pyar hai ,iske liye wo kisi ko bhi bakra bana sakte hai , chahe wo 14 saal purana sathi jisne apne 2 gurdey diye ho ,
MULAYAM SINGH JI KI PARTY SIRF YADAV PARTY HAI ,
PARTY APNE NITI KE KAARAN SATTA SE BAHAR HAI , AUR 2012 MAIN BHI SUPDA SAAF HAI ,
SIR, MUJHE KAFI KNOWLADGE AAP KE BLOGS PADH KAR HOTI HAI PLEASE WRITE REGULAR BLOGS ,
RESPECTED, MR. AMAR SINGH JI
JAI SAI
BLESS OF SAI HOPE YOU ARE FINE,I AM YOUR SUPPORTER ,BEFORE SUM DAYS IN YOUR POLITICAL LIFE LITLE BIT HERE AND DERE IS GOING ON.I AM YOUR SUPPORTER THATS WHY I AM THNKNG ABT THIS I AM BLESSING OF SAI AND GETTING THAT YOUR PRESENT TIME IS NOT GOING ON GOOD,THATS WHY I AM REQUESTING YOU N PRAYING THAT TO HELP TO MAKE SAI BABAS SMALL TEMPLE,HOPE U ARE HELP TO MAKE THIS POSSIBLE. SAI BABA HELP YOU IN EVERY MOMENT. YOUR FAITHFULL, TARA KANT TIWARI
Adarniya Shri Amar Singh Ji,
Uttar Paradesh ki rajniti me pashchimi netao ka adhipatya hai. Purvanchal ki taraf se rajnitik netritva ka jo apne kadam uthaya hai hum uska swagat karte hain aur is muhim me apka saath dena chahte hain.Apne jo purvanchal ka beeda uthaya hai aur use rajnitik front pe le aaye usse hum bahot khush hain. apki is muhim me hum apke saath hain.
Santosh Pandey
09415 547 765
Sultanpur (UP)
Adarniya Shri Amar Singh ji,
Uttar Pradesh ki rajniti me pashchimi netao ka adhipatya hai. Apne jo Purvanchal ka beeda uthaya hai aur ise rajnitik front pe le kar aaye hain hum usse bahot khush hain. Hum apke netritva ka swagat karte hain aur is muhim me apka sath dena chahte hain.
Santosh pandey
09415 457 765
Sultanpur (UP)
Amar Singh ji, मुझे भारत के प्रधान-मंत्री का बड़ाई करने के लिए खेद है | जितने भ्रष्टाचार के मामले एवं घपले-घोटाले इस भारत सरकार के कार्यकाल में घटित हुए हैं उसके आधार पर मैं कह सकता हूँ की प्रधान-मंत्री मनमोहन सिंह आज तक की भ्रष्टतम सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके नाक के नीचे हो रहे भरष्टाचार को रोकने में वे नाकामयाब हैं | मनमोहन सिंह के कद के इंसान को एक नजीर पेश कर सरकार का नेतृत्व प्रदान करना चाहिए था और यदि सरकार में कोई चीज उनकी इच्छा के अनुसार नहीं हो रही थी तो उन्हें गद्दी छोड़ देनी चाहिए थी | उनके लिए प्रधान-मंत्री के पद में क्या रखा है, सिर्फ रुतबा और सरकारी तंत्र एवं लोक-सेवकों के नियंत्रण के अलावा, जिसे वे पहले भी भोग चुके हैं | यदि कोई बुरा न माने तो प्रजा-तंत्र के नियम-कानून के मुताबिक़, मैं प्रधान-मंत्री को भी आम जनता का सेवक ही समझता हूँ, न की राज करने वाला राजा | पहले लाखों-करोड़ों उनके चाहने वाले थे और उनका त्याग-पत्र भ्रष्टाचारियों में कठोर सन्देश देता की वे भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते और किसी भी कीमत पर इससे समझौता नहीं करना चाहते | इससे उनकी छवि में चार-चाँद लगा होता और यह उन्हें लाखों लोगों के दिल में जगह दिलाता तथा इसके साथ ही भारत के महानतम लोगों के साथ उनका नाम इतिहास के स्वर्ण पन्नों में दर्ज हो जाता | आज भी बोफोर्स का जिन्न जैसे भारत के पूर्व प्रधान-मंत्री राजीव गाँधी का पीछा नहीं छोड़ता वैसे ही अब मनमोहन सिंह को भी याद किया जाएगा |
हमने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी एवं मनमोहन सिंह को बहुत सारे पत्र लिखे और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के मेरे प्रस्ताव पर गौर करने के साथ ही भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ करने तथा नियम-क़ानून में परिवर्तन कर भ्रष्टाचारियों में डर पैदा करने के लिए कहा | आज तक मैंने मेरे पत्रों एवं प्रस्तावों पर सरकार द्वारा कोई कार्यान्वय नहीं देखा | मुझे लगता है की वे सब रद्दी समझकर फ़ेंक दिए गए | भ्रष्टाचार मिटाओ सेना पूर्वी उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मिटाओ आन्दोलन की शुरुआत की है लेकिन ऐसे राजनितिक पार्टियों का इसमे कोई सहयोग नहीं मिल रहा है | कहीं न कहीं इन पार्टियों के लोगों को यह डर सताता है भ्रष्टाचार मिट जाने पर उन्हें आम जनता के नौकर के रूप में रहना पड़ेगा और सामंती-युग का खात्मा हो जायेगा |
मैं सामंती-युग की तरह जीने वाले आज के हुक्मरानों से सवाल पूछना चाहता हूँ की यदि आप हमें भ्रष्ट-मुक्त प्रशाशन नहीं दे सकते तो पूर्वी भारत के लोगों को भारत से अलग होकर एक भ्रष्ट-मुक्त देश क्यों नहीं बनाने देना चाहते? आप कहते हैं ही यह प्रजा-तन्त्र है और लोगों का दिल जीतकर उनका प्रतिनिधित्व कीजिये लेकिन आपको मालूम नहीं है की ये जन-प्रतिनिधि जीतने के बाद भ्रष्ट हो जाते हैं और लूट-पाट करने लगते हैं क्योंकि भ्रष्टाचार रोकने के लिए भारत में कोई ऐसा प्रभावी कानून नहीं है की भ्रष्टाचारियों में डर पैदा कर सके | शायद भारत से अलग होकर एक नया देश बने तो लोग संविधान में अमूल-चूल परिवर्तन कर भ्रष्ट-मुक्त प्रशाशन एवं सुशाशन स्थापित कर सकें | हमने पूर्वी भारत के कई राज्यों एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है | वहां भ्रष्टाचार इस कदर व्यापत है की सरकारी कर्मचारी खुलेआम घूस मांगते हैं और न देने पर काम नहीं करते हैं | बंगाल में सरकारी बस में टिकेट आरक्षण के लिए घूस न देने पर क्लर्क बेझिझक बोलता है की टिकेट नहीं मिलेगा जो उखाड़ना है उखाड़ लो | कहीं भी शिकायत को सुनकर कार्यवाही नहीं होती | आप यह सोचते हैं की विकाश के लिए खजाना खोल देने पर सब कुछ ठीक-ठाक हो जायेगा लेकिन आपको यह नहीं मालूम की उस पैसे का कुछ ही भाग धरातल पर लगता है और सारे धन का भ्रष्टाचारियों के बीच लूट-पाट हो जाता है | लोग ऐसा कब-तक देखते रहेंगे और जरा आप ही बताईये की ऐसे में लोग क्या करेंगे? या तो भ्रष्ट सरकार के खिलाफ लड़ेंगे या अपने क्षेत्र का किसी सुशाशित देश में विलय करना चाहेंगे और आप इसका सहयोग करने वालों को देश-द्रोही करार देंगे और उनकी आवाज़ को दबाने के लिए उत्पीडित करेंगे | यदि आप भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम न उठाकर जनता को ऐसे ही पीसते रहेंगे और जबरदस्ती उन्हें सेना के बल पर डराते रहेंगे तो यह ज्यादा दिन नहीं चलने वाला है | एक दिन ऐसा अवश्य आयेगा की आम जनता सुशाशन के लिए बगावत करेगी और सामंती जीवन व्यतीत करने के लिए बने कानून को उखाड फेंकेगी |
Please give me only 10 min to explain . Any day any time.Bleave me कल्ब-ए-संग से निकलेगी परी.
Regards
Girish Mishra
Amar sing ji.. Its too long to have your new blog.. where are you bussy with sir, hope you health is fine.. I like to read your blogs.. Please di write..
barkha-veer type type ke patrkar hi is desh ke sabse bade nasur hain……..sonia ji ka naam wapas leke aapne bahut accha kiya….
ठाकुर साहब,कुछ पत्रकार आपके पीछे लगे है। क्यों लगे है आप बेहतर जानते है। पत्रकारों को भी समय-समय पर मधु चाहिए। अब जो राडिया-टाटा के खेल में पत्रकार थे, उनकी हालत तो आप देख ही चुके है। सबको हिसाब-किताब यहीं देना है। आपने पूर्वांचल का मसला अच्छा उठाया है। इसमें आपको जरूर सफलता मिलेगी।
Hello sir I want to join you & your party & want to change our country Political nature