पत्रकार भाइयो का कोई जवाब नहीं और हमारे राजनैतिक विरोधियो का भी, कुछ भी लिखते है और कहते है. पिछले दिनों से काफी चर्चा है कि बच्चन साहब श्री नरेन्द्र मोदी के ब्रांड एम्बैसडर बन गए है. इससे बड़ा सफ़ेद झूठ और क्या हो सकता है. बच्चन साहब अपनी नई फिल्म “पा” के लिए गुजरात गए और मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मिले नाकि संघ के स्वयंसेवक नरेन्द्र मोदी से. यह मुलाकात कुछ वैसी ही थी जैसी संघ प्रमुख श्री सुदर्शन की मुलाकात तत्कालीन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह जी से पोलीथीन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की थी. क्या सुदर्शन जी के साथ इस मुलाक़ात से मुख्यमंत्री मुलायम सिंह जी संघी हो गए? गुजरात के मुख्यमंत्री ने गुजरात के पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए श्री बच्चन से अनुरोध किया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. फ़र्ज़ कीजिये कि श्री बच्चन गुजरात के पालिताना का प्रचार करें, तो क्या हर्ज़ है. हमारे पुराने दल समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने इसे जया बच्चन जी की राज्यसभा सदस्यता की अग्रिम कवायत का हिस्सा बता दिया. मेरे और श्री बच्चन के संबंधो का हवाला देते हुए मुझे भी श्री मोदी से जोड़ दिया. मुझ पर सिनेमा कलाकारों और उद्यमियों को ला कर पूंजी और साम्प्रदायिकता का घोल समाजवादी परिवार में मिलाने का आरोप लगाने वाले मेरे प्रवक्ता साथी शायद भूल गए कि विश्व हिन्दू परिषद् के अध्यक्ष श्री विष्णु हरी डालमिया के सुपुत्र श्री संजय डालमिया जी को मुझसे पहले राज्यसभा में मनोनीत करने का काम आपकी पार्टी ने किया था. और १८ वर्षों के समाजवादी इतिहास में १४ वर्ष नेत्ताजी एक पूंजीवादी अमर सिंह और बाकी चार वर्ष एक दूसरे पूंजीपति विश्वहिंदू परिषद् के अध्यक्ष के सुपुत्र सांसद संजय डालमिया के साथ गुजारे. अर्थात श्री मुलायम सिंह जी के समाजवादी इतिहास के १८ वर्षों में उनके दो घनिष्टतम सहयोगियों, पहले संजय डालमिया जी और फिर मै अमर सिंह दोनों पूंजीवादी रहे. और सिनेमावालों की बात पर, समाजवादी पार्टी को खडा करने के लिए भीड़ जुटाऊ पहला स्टार क्या श्री राज बब्बर को ले कर आपकी पार्टी आगे नहीं आई थी. शुरू के बुनियादी चार वर्षों की उसूली बात को आपके पुराने सिपाही ने ज़रा ज्यादा आगे बढ़ा डाला, माफ़ भी करिए न!

घबराइये नहीं बच्चन साहब आज श्री करुणा निधि का सम्मान चेन्नई में कर रहे है क्यूंकि श्री करुणा निधि भी तामिल फिल्मों के प्रसिद्द लेखक है. कल वामपंथी सरकार के सानिध्य में, केरल में वहाँ के प्रसिद्द मलयालम कलाकार जिन्हें आस्कर पुरस्कार मिला है, उन्हें मुख्यमंत्री केरल की उपास्थित में सम्मानित कर रहे है. इससे पहले श्री बच्चन बीमार ज्योति बसु को देखने कोलकोता भी गए थे. और आपके बता दूं कि कई मुकदमे उनके विरुद्ध दर्ज करने वाली माया सरकार अगर कहे तो बच्चन साहब ताजमहल का भी प्रचार कर देंगे. सम्पूर्ण भारत में भ्रमण कर रहे श्री बच्चन क्या हर जगह अपनी अर्धान्गिनी श्रीमती जया बच्चन जी के लिए राज्यसभा ढूंढ रहे है.

मुसलमान भाइयों को बरगलाइये मत, पालिताना और ताजमहल कोई कल्याण सिंह जी की तरह थोड़े है जो कि श्री बच्चन और अमर सिंह के सर पर चिपक जाए. प्रवक्ता जी आपके नेता श्री मुलायम सिंह ने बच्चन परिवार की भूरी-भूरी प्रशंसा की और आपने छकके गालियाँ दी. टीवी के आधे पर्दे पर आप और आधे पर आपके नेताजी, क्या कोई आपसी समन्वय नहीं है. मै आपकी तरह १४ वर्षों तक भुगता पूर्व प्रवक्ता हूँ और आप हसीन तरीन तरोताजा १४ दिन के बेचारे प्रवक्ता. आपकी हैसियत क्या जो आप बोलें आपकी तो जीभ है जुबान किसी और की और जिनकी जुबान है उनके लिए बस इतना कहना है कि-

“मेरे बाद वफ़ा का धोखा और किसी को मत देना, लोग करेंगे जिक्र तेरा तो सर मेरा झुक जाएगा.”

बहुत दिनों बाद लिख रहा हूँ, माफ़ करिएगा, कोशिश रहेगी, चलता रहूँ और लिखता रहूँ.

Bookmark and Share