मीडिया में अक्सर मेरे और शाहरुख खान के संबंधो को लेकर उत्सुकता बनी रहती है. शाहरुख़ ने “डान-2″ और “के.बी.सी-२” दोनों में काम किया और इस नाते स्वाभाविक तौर पर उनकी और मेरे बड़े भाई अमिताभ बच्चन की तुलना मीडिया करती रहती है. मजे की बात है, जिस समय अमित जी और शाहरुख “भूतनाथ” में एक साथ काम कर रहे थे, मीडिया ने मुझे अमित जी का सेनानी बना कर शाहरुख से लड़वा दिया. “जी टी.वी. के दुबई के एक कार्यक्रम में सीटों के आबंटन के विवाद पर शोभा डे से महेश भट्ट तक ने अपनी अवधारणाए इस घटनाक्रम को आधारित कर बड़े-बड़े लेख लिख डाले. अंगरेजी के एक बड़े अखबार की वह लीड खबर बनी जो मेरे और शाहरुख के बीच कभी थी ही नहीं. हाँ यह सच है कि फिल्मफेयर के एक कार्यक्रम में जहाँ जयाजी को पुरष्कृत किया गया, वहां शाहरुख ने सार्वजनिक रूप से मुझे देखते हुए टिपण्णी की कि मेरी आँखों में उन्हें दरिन्दगी दिखती है. मुंबई के मेरे कुछ अतिउत्साही प्रशंसकों ने शाहरुख के घर पर भी धावा बोल दिया. यहाँ बात बिगड़ी, शाहरुख के बच्चो को बुरा लगा और खान भी कुछ कह बैठे. मेरी बेटियों दृष्टी और दिशा ने भी भोलेपन से पूंछा, पाप्सू शाहरुख अंकल तो लक्ष्मी मित्तल अंकल की बोट पर गोवा में हमसे मिलाने आये थे तो कब से वह आपके एंटी हो गए? उधर मेरी बहूरानी  एश्वारिया से कारण जौहर ने कहा कि घर पर हुए अमर सिंह जी के समर्थकों के प्रदर्शन से शाहरुख और उसके बच्चे बहुत आहात है. हमारी बहू ने जवाब में कहा कि बच्चे सबके एक जैसे है. अमर सिंह जी की बेटियां दृष्टि और दिशा भी शाहरुख की टिप्पणी से आहत है.

शाहरुख़ के दिल्ली के एक पुराने दोस्त संजय पासी मेरी पत्नी और मेरे बच्चो के काफी मुरीद है. गाहे-बगाहे उन्हें होटलों में शाहरुख़ और कुछ नामी-गिरामी हस्तियों के साथ भी मैने देखा है. पासी जी ने एक दिन फोन पर मेरी शाहरुख से बात करवा दी. बात-चीत का सन्दर्भ शाहरुख/सलमान विवाद का सार था. कुछ ही दिनों पूर्व निर्माता निर्देशक सुभाष घई ने मेरी बात सलमान से करवाई थी. मै कहाँ पड़ता इस “स्टार वार” के चक्कर में, बात आयी-गयी हो गयी. सिंगापुर में किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी की दौरान मैने खबर देखी कि पूर्व राष्ट्रपति कलाम साहब की हिन्दुस्तान की सरजमी में तलाशी आयी गयी बात हो गयी जबकि अमेरिका में शाहरुख़ की तलाशी पर गृह मंत्री, विदेशमंत्री और सूचना प्रसारण मंत्री के तीखे बयान आये. मैने सिर्फ इतना कहा कि हल्ला करना है तो कलाम साहब के लिए करो, वह शाहरुख से ओहदे में काफी बड़े है. प्रेस की बल्ले-बल्ले हो गयी. सिंगापुर में बीमारी के दौरान अमित जी ४ महीनो तक लगातार मेरे साथ रहे.  मीडिया ने उछाला, बोला बच्चन साहब का तोता. शाहरुख और हम फिर कहीं मिले, मीडिया के चक्कर में न आने संकल्प लिया और ख़ुलूस के साथ मिल कर आगे बढ़ गए. शाहरुख ने कहा कि अगली बार दिल्ली आया तो घर आउंगा.

सुबह, दोपहर और शाम ईजिप्ट से भाई संजय दत्त मेरे स्वास्थ की निगारानी में है. कल अनिल कपूर मिले थे, संजू की तारीफों के पुल बाँध रहे थे, सुन कर अच्छा लगा. एक मलयालम फिल्म में संगीतकार की भूमिका के लिए हाँ कर दी है. निर्देशक ने कहा कि एक अदद खूबसूरत बीवी के किरदार की भी आवश्यकता है. तत्काल डिम्पल कपाडिया जी से बात की और हंसते हुए मैने उनसे कहा कि किशोरावस्था में “बाबी” देख-देख कर आपकी कल्पना करता रहता था. कोई बात नहीं ५४ साल आयु में ही सही, सही जिन्दागे में न सही, कम से कम पर्दे पर मेरी शरीके हयात बन कर मेरी हसरत पूरी करें. डिम्पल जी हंस पडी, कहने लगी ओके सर, योर विश इज ग्रांटेड. मेरे रकीब मुझे न जाने क्या-क्या कहें कि नेता है, अभिनेता है, उद्यमी है, लड़ाका है, यह है कौन? उनको सिर्फ यह कहना है.

 

हर आदमी में होते है दस-बीस आदमी, जिसको भी देखना है कई बार देखना,

मैदान में हर जीत तो किस्मत की बात है, टूटी किसके हाँथ में तलवार देखना.

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