जी हाँ! मैं हूँ ना! ममता दीदी नाराज है, मत घबराएं. करुनानीधि जी की करुणा घट गई, शांत रहें. संकट मोचक, मैं हूँ ना. उत्तर प्रदेश के छः जिलों के नेतृत्व से शुरू हुए एक दल के स्वयंभू राष्ट्रीय नेता मान ना मान मै तेरा मेहमान की तर्ज पर बार-बार लगातार केन्द्र की सरकार के हर संकट पर कहें, कि मैं हूँ ना, सरकारी प्रबंधकों ने भी मुस्कुरा के हवा देते हुए बताया कि हमें तुमसे कुछ भी ना चाहिए, मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो. लेकिन साहब खिसकती जमीन से खस्ताहाल बेहाल लोग शेरवानी-अचकन ठीक कराए तैयार बैठे है; कि गैर कांग्रेसवाद, लोहियावाद, वामपंथी साथ, सबकी ऐसी तैसी और बगुला भगत बने बैठे शुतुरमुर्गी आचरण के अनुसार सत्ता की मछली दिखते ही चोंचे जरूर मारों चाहे मछली मिले या ना मिले. फिर बुरा लगता है कि हमारे सरकस में तो बाईस जोकर है फिर भी रिंग में रिंगमास्टर को फोन तक नहीं किया गया.

कानपुर, डुमरियागंज, शाहजहाँपुर, देवरिया याद है श्रीमन, सुबह आपने सीटें छोड़ी और शाम को कांग्रेस के खिलाफ उम्मीदवार तय कर डाले. प्रतापगढ़ और फरुखाबाद पर वार्ता के लिए कांग्रेस अध्यक्ष से वादा किया और अफरातरफी में उमीदवारों की घोषणा कर डाली. राष्ट्रपति के चुनाव में श्रीमती प्रतिभा पाटिल के हाँथ के साथ हांथी तो रहा परन्तु साईकिल पंचर रही. न्यूक्लियर डील में अपने एक साथी पर कांग्रेस से मिलकर षडयंत्र कर पैसा खाने का आरोप रिंगमास्टर जी आपकी नेता मंडली के भीष्म पितामहों ने लगाकर आपके चौदह साल के वफादार साथी को उसके जन्मदिन के दिन बेशरम और कमीना कह कर पार्टी से निकाल डाला. अपने गुरू चौधरी चरण सिंह के बेटे अजीत सिंह, श्री चंद्रशेखर, श्री राजीव गाँधी, श्री वी.पी. सिंह, श्री प्रकाश कारत, अमर सिंह सबको आपने अपनी राजनीति की पहलवानी का धोबियापाठ दाँव दिया. आपकी पाठशाला से कुछ सीखकर आपके अपने बयान “मैं हूँ ना” का दाँव डी.एम.के. पर लगा कर कांग्रेस ने करुणानिधि जी की खोई करुणा वापस ले ली तो आपको तो खुश होना चाहिए कि आपको आपकी ही राजनीति की तर्ज का कोई खिलाड़ी तो मिला जो कुछ आप सरीखा ही खेला. अब सीटों का झगड़ा बंगाल में होगा, तैयार रहिये और बेहयाई से कहिये-

हम तो मोहब्बत करेगा, दुनिया से नहीं डरेगा,
चाहे ये ज़माना कहे हमको दीवाना.

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