भारतीय राजनीति का संक्रमण राष्ट्रीय दलों का कमजोर होना और केन्द्रीय सरकार के गठन में क्षेत्रीय दलों पर निर्भरता के कारण धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. अतीत में गैर कांग्रेसवाद के प्रवर्तक राजनेताओं ने कांग्रेस के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए गैर कांग्रेसी ताकतों को कई बार कभी लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में एवं कई बार वामपंथी मित्रों के सहयोग से एकत्रित करने का उपक्रम किया. मूल रूप से मेरे राजनैतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से हुई लेकिन कांग्रेसी महासागर के राजनैतिक मंथन में मै खप नहीं पाया और बार-बार खंडित और विखंडित होती गैर कांग्रेसी राजनीति की धुरी में काफी घुल-मिल गया. सत्ता की चासनी और सिद्धांतों के आभाव में गैर कांग्रेसी राजनीति की एकजुटता प्रभावित होती रही. कांग्रेस पर वंशवाद का आरोप मढ़ने वाले सियासी क्षेत्रीय दल चाहे वह बिहार में लालू जी-राबडी का राजद हो या फिर उत्तर प्रदेश के एक परिवार की पार्टी – समाजवादी पार्टी, उनका कांग्रेस पर लगाया वंशवाद का आरोप उन पर ही सर चढ़ कर बोलने लगा. श्री राहुल गाँधी का इस शून्यता में राजनैतिक पटल पर अभ्युदय युवा मानस को उनकी बेबाक सच्चाई से प्रभावित कर गया. लोगों के इल्जाम लगाने से पहले ही उन्होंने मान लिया कि उन्हें नेहरू गांधी परिवार से सम्बन्ध का स्वभाविक राजनैतिक लाभ एक सामान्य राजनैतिक नवजवान की तुलना में कहीं अधिक है. बताइये अब हम उनके खिलाफ क्या बोलें?
कल श्रीमती जया बच्चन जी की कांग्रेस में ना जाने की टिप्पणी को मुझसे जोड़ कर देखा जा रहा है. जया बच्चन जी ने ही बरखा दत्त को दिए एक टीवी साक्षात्कार में मेरे कांग्रेस में जाने के प्रश्न पर बेबाकी से हिमायत करते हुए कहा था कि उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी. समाजवादी पार्टी ने उन्हें चुनावी नुमाईश का सामान बताया है और बड़े भाई अमिताभ बच्चन जी को उनके संभावित राज्यसभा की सदस्यता का अन्वेषक बताते हुए उनके गुजरात के संबंधों पर बखेड़ा खड़ा करने का प्रयास किया है. फिर भी न तो मेरी पुरानी पार्टी ने जया प्रदा की तरह उनका उनका निष्काशन किया और ना ही जया बच्चन जी समाजवादी पार्टी को त्यागा है. हालाँकि वह कह रही है कि अमर सिंह की राजनीति ही समाजवादी दल में उनके होने की वजह है और दल ने मेरे साथ जो किया है वह गलत किया है.
मै बिना साथियों की सहमति के भविष्य का कोई सियासी निर्णय नहीं लूँगा. अभी तक कांग्रेस से मेरी कोई औपचारिक या अनौपचारिक वार्ता नहीं हुई है लेकिन सुनने में आया है कि मेरे पुराने दल के कुछ लोग जया बच्चन जी को माध्यम बनाकर पुनः मुझे समाजवादी पार्टी से जोड़ना चाहते है. सच तो यह है कि जैसे जया बच्चन जी कांग्रेस में नहीं जा सकती वैसे ही अब मै समाजवादी पार्टी में नहीं लौट सकता. दूसरा बड़ा सच है कि चाहे शरद पवार का राकपा हो, या ममता जी की त्रिनामुल कांग्रेस, या नितीश कुमार जी की जदयू, या फिर करुणानिधि जी का द्रमुक दल, उनसे सम्बन्ध राजनैतिक दलों से क्षेत्रीय स्तर पर चाहे जैसे भी हो उन्हें कांग्रेस या भाजपा जैसे राष्ट्रीय दलों के इंजन की बोगी बनाना ही पड़ता है. दुविधा में पड़े अपने कई पुराने साथियो को मै यह ही कहूँगा,
“वक्त ने किया क्या हसीन सितम, हम रहे ना हम तुम रहे ना तुम”
Hope you can join Congress soon to wipe out SP
Dear Sir,
Why should you or anyone be afraid of sitting near Modi? The Hon’ble Chief Justice of India has done the right thing by sitting on the same dais as Modi was sitting on. He has shown his due respect to the legal system of the country and bowed before its verdict. But Rajiv Gandhi justified the massacre of 3500 Sikhs in 1984 when he said that the earth shakes when a big tree falls. You did not feel any qualms of conscience when you went to the house of Rajiv Gandhi’s wife Sonia Gandhi uninvited and showed up with Comrade Surjeet and others.
Modi has appeared before the SIT appointed by the Hon’ble Supreme Court. You have been hurting Hindu sentiments and it seems to be your pastime. Mulayam Singh held an Iftaar Party at Har ki Pauri in Haridwar and served eggs there against the wishes of the Pandas of Haridwar. You think that attacking Hindu sentiments is sane politics.
But it is not. You should learn how to respect the sentiments of the people. Mr. Amitabh Bachchan has done the right thing by accepting to be the Brand Ambassador of Gujarat Tourism.Let your elder brother by emulated.
A.L.Rawal
tHAKURJI TUSSI CHAA GAYE.
Thakur Ji namaskar
In lasts six month whatever happened in yr life,on that I want to say few words….
Wo jo mere shahar kuch roshani laye honge,
Un chirago ne kain ghar bhi jalaye honge.
Haath unke bhi huye honge yakeenan jakhmi,
jisne kante meri rahon mai bichaye honge.