स्वतंत्रता के बाद हमारे संविधान में अनुसूचित जातियों और जनजातियों को आरक्षण दे कर उनकी दरिद्रता को दूर करने का जो प्रयास किया गया समय के साथ उसके परिणाम आए और आज कभी दलित कहे जाने वाला वर्ग आर्थिक और सामाजिक रूप से तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है जिसका जीता-जगता उदाहरण उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी है. वैसे इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि दलितों को दिए गए आरक्षण का लाभ …