Jan 12

मर्यादाहीन राजनीति

Posted by Amar Singh in General

कोई साथ हो तो अच्छा, ना हो तो बुरा. साथ हो तो इलाहाबाद की सडकों पर विधायक राजू पाल की बुजकशी करे, शिकार करे, साथ ना हो तो जेल में सड़े. साथ दो तो मिल-बाट कर सत्ता सुख भोग, छोड़ दे तो गेस्ट हाउस में कैद अपनी जान की सलामती की दुआ करे. चौदह साल वफ़ा से कोई साथ रहे तो नंबर दो का दर्जा दे दें और कम्पूटर, अंग्रेजी, ट्रैक्टर के विरोध का विरोध करने पर दल्ला और सप्लायर …

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Jan 11

भ्रष्टाचार का सहकारिता आंदोलन

Posted by Amar Singh in General

भ्रष्ट और भ्रष्टाचारी राजनीति पर चर्चा हर घड़ी, हर पल, हर सरकार की कार्यावधि में प्रासंगिक होती है. आदम और हौवा, सुख और दुःख, स्वर्ग और नर्क की ही तरह राजसत्ता और भ्रष्टाचार है, मानो कि यह एक राजनीति का सहकारिता आंदोलन है. पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में उनके अपने दामाद सांसद फिरोज गांधी ने मूंधड़ा कांड के भ्रष्टाचार का पर्दाफ़ाश किया और अपनी ही पार्टी के वित्तमंत्री के कारनामों के खुलासे के बाद उस समय के वित्तमंत्री श्री …

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Nov 22

अपमान की कोख से उपजी क्रान्ति

Posted by Amar Singh in General

बड़े-बड़े आंदोलनों और बड़ी-बड़ी क्रान्तियों का जन्म अपमान की कोख से ही होता है. महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका में अच्छे भले वकील थे और अपनी सफल वकालत की मजबूती के कारण प्रथम श्रेणी में यात्रा कर रहे थे, तभी किसी गोरे वर्ण के एक अंग्रेज ने उनके श्याम वर्ण पर टिप्पणी कर उन्हें फर्स्ट क्लास के डिब्बे से फिकवा दिया. फिर क्या था, रंगभेद के कारण हुए इस अपमान के विरुद्ध पिल पड़े गांधी जी ने अंग्रेज साम्राज्यवाद की चूलें …

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Nov 15

पहिया

Posted by Amar Singh in General

पिछले दिनों समाजवादी पार्टी को आर.एस.एस. के खाकी निकर को उजली धोती में छुपा कर रखने वाले नेता का दल कहने वाले, भारत माता को डायन की उपमा से विभूषित करने वाले एक मशहूर नेता ने जो उत्तर प्रदेश के प्रतिपक्ष के नेता पद की कुर्सी पर ललचाई आँख गड़ाए हुए है, स्वयं को समाजवादी पार्टी की सोच और मुझे पहिया मात्र बताया. रेल की पटरी पर क्या रेल बिना पहिया चलेगी? तेज चलती मोटर कार का पहिया फट जाए …

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Nov 6

बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना

Posted by Amar Singh in General

“बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना”, एक प्रचलित कहावत है जो कि साठ के दशक में राजकपूर जी की एक फिल्म के गीत के रूप में भी प्रसिद्द हुई थी. कहने को तो यह एक प्रसिद्द गीत का मुखड़ा मात्र या एक प्रचलित कहावत भर ही है, परन्तु इसके अंदर का दिया मर्म कभी-कभी किसी के जीवन का मार्मिक तथ्य बन सकता है. मै जिम्मेदारी से कह सकता हूँ कि ऐसा ही एक अब्दुल्ला मै भी हूँ. जीवन में मेरी किसी …

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Nov 2

मेरी पूर्वाँचल स्वाभिमान पदयात्रा

Posted by Amar Singh in General

मेरे पूर्वाँचलवासी भाइयों, बहनों और प्यारे बच्चों,
पूर्वांचल की आँखों में आज बेबसी, लाचारी और बदहाली के आंसू है, ब्रितानी हुकूमत के पहले पूर्वांचल इतना लाचार न था. फिर पूर्वांचल के सीने पर अंग्रेजी गोलियाँ और तोपें गरजी, इस धरती पर क्रूरता का नग्न तांडव हुआ. ब्रिटिश हुकूमत ने पूर्वाँचल को बेबस और गरीब बना दिया. अंग्रेज हमारे पूर्वजों को गिरमिटिया मजदूर बनाकर त्रिनिडाड, टोबैगो व सूरीनाम ले गए. यहाँ पर हमारे पूर्वजों ने अपनी मेधा और श्रमशक्ति का झंडा गाड़ा …

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Oct 27

कैसे चुप रहूँ?

Posted by Amar Singh in General

आज एक बैठक में स्वर्गीय चंद्रशेखर जी के बेटे नीरज, वित्त मंत्री श्री प्रणव मुखर्जी जी की उपस्थिति में ब्राडबैंड तकनीक की बात करने लगे. मैने तत्काल कहा कि भाई नीरज कैसे रहूँ चुप? तुम क्या अब भी समाजवादी पार्टी में ही हो जो कम्प्यूटर, ट्रैक्टर और अंग्रेजी विरोधी है या फिर तुम्हे भी मेरी ही तरह निष्काशन का डर नहीं लगता. सितारों के खिलाफ मेरी पुरानी पार्टी में सितारे मेरे पहले भी थे राजबब्बर जी, और मेरे जाने के …

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Oct 26

महाराणा प्रताप और शक्ति सिंह

Posted by Amar Singh in General

खुद्दारी, अहंकार, स्वाभिमान, मान, अपमान सब आपस में भाई-बहन है; कोई छोटा बड़ा नहीं. जहां बहुत ही गहरे सम्बन्ध होते है वहाँ घाव भी बहुत गहरे होते है. दो बड़े लोगों के मामूली विवाद का लाभ बहुत छोटे-छोटे खुदरा लोग अपनी दुकानदारी के लिए लगा कर बडबोले बन जाते है. बड़ों की संवादहीनता उन्हें झूठी सच्ची खबरों का पुल बना देती है. हाल ही में दो बड़े उद्यमी भाई एकाएक ऐसे एक हुए कि बिचौलिए ध्वस्त हो गए. मेरे जीवन …

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Oct 23

राजा का बन्दर

Posted by Amar Singh in General

लगातार एक यायावर का जीवन जी रहा हूँ. गुजरात के दंगे, दिल्ली में ८४ का दंगा, गोधरा कांड, मालेगांव ब्लास्ट, मेरठ का मलियाना, भागलपुर कांड, असम के दंगे, आदिलाबाद (आँध्रप्रदेश) के दंगे, सब तस्वीर की तरह साफ़ दिख रहें है. पिछले एक सप्ताह में दो बार अयोध्या गया. जनाब हासिम अन्सारी साहब से मिला. महंत ज्ञानदास जी से वार्ता हुई. महंत जी से बात हुई तो कहने लगे अरे! भाई हासिम से बात हुई तो समझो मुझसे भी हो गई. …

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Oct 13

राहुल गांधी, आर.एस.एस. और सिमी

Posted by Amar Singh in General

जब से गांधी परिवार से मेरा मामूली परिचय हुआ, सचमुच मेरी धारणा उनके प्रति बदली. कांग्रेस में माधवराव जी की संतुति के बावजूद ग्वालियर चम्बल सम्भाग के भिंड क्षेत्र से मिल चुका मेरा कांग्रेसी टिकट माननीय दिग्विजय सिंह जी और परम आदरणीय अर्जुन सिंह जी ने कटवा दिया. भिंड इटावा से लगा क्षेत्र है और दूसरे दल में रहते हुए भी श्री मुलायम सिंह जी ने मेरी सहायता की प्रतिबद्धता दिखाई. सम्भवतः इसीलिये श्री माधवराव सिंधिया जी के नरसिम्हाराव जी …

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