खंडित-विखंडित तीसरा मोर्चा
Posted by Amar Singh in General
बधाई हो मुलायम सिंह जी, आखिर कब तक आप वामपंथी साथियों से यू.पी.ए.-1 का प्रतिशोध लेंगे? आपने तीन बार वामपंथियों को चूना लगा दिया है. पहली बार नरायणन की हामी भर कर कलाम का कलमा श्री प्रमोद महाजन के कहने पर अडवानी जी और अटल जी के साथ पढ़ कर आपने उस मोर्चे को तोड़ा जिसके आप स्वयं संयोजक और स्वर्गीय ज्योति दा अध्यक्ष थे. आप बदल गए लेकिन वामपंथी भाई नहीं बदले और कैप्टन लक्ष्मी सहगल को राष्ट्रपति …