Feb 11

जेनेटिकली रूपांतरित फसलें: अभिशाप या वरदान?

Posted by Amar Singh in Amar Singh Opinion

ब्रिटिश भारत में हुए १९४३ के आकाल ने ४० लाख से भी अधिक लोगों की जान ली थी. इस आकाल के वर्षों बाद तक सारा देश इसे नहीं भुला पाया था. परन्तु १९६७ और १९७८ के बीच हुयी “हरित क्रांति” ने हमारे देश की खद्यानों की समस्या को लगभग ख़त्म कर दिया था और धीरे-धीरे हमारे यहाँ सर्पलस अनाज पैदा होने लगा. लगातार बढ़ती जनसंख्या के बावजूद, हमारे अनाज के गोदाम वर्षो तक भरे रहे और हम भारी मात्रा में …

Read on »


52 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , , ,

Jan 22

छोटे लोहिया नहीं रहे…

Posted by Amar Singh in Amar Singh Anecdotes

आज दोपहर में एकांत में बैठा था, खबर आयी जनेश्वर जी नहीं रहे. मेरे साथ सांसद श्री आर. के. पटेल जी, श्रीमती जया प्रदा जी, पूर्व सांसद श्री अखिलेश सिंह जी और विधायक श्री मदन चौहान जी भी बैठे हुए थे. खबर सुन कर मेरा मन अकुलाहट से छटपटा गया और मुझे उनके साथ की गयी अंतिम मुलाक़ात याद आ गयी. जब उन्होंने कहा था, समाजवादी बनो और गरीब/अतिपिछड़ों के पास जाओ. मैने यह बात आर.के पटेल जी को बताई तो वह …

Read on »


91 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , ,

Jan 20

इस्तीफे के बाद मेरी पहली यू.पी. यात्रा

Posted by Amar Singh in Amar Singh Opinion, Personal

इस वक़्त मै वाराणसी से वापस दिल्ली के रास्ते हवाई जहाज़ में हूँ, इस्तीफे के बाद मेरी जन्म और कर्म भूमि उत्तर प्रदेश की यह पहली यात्रा थी. इस वक़्त मेरे साथ कोई फिल्म स्टार नहीं बल्कि मेरे सहयोगियों में एक भूमिहार भाई, एक निषाद भाई, एक कुर्मी भाई और मेरे अनुज अरविन्द सिंह है. हवाई अड्डे पर निर्दलीय विधायक श्री अजय राय जी आये थे. मैने पूंछा भाई मेरी पार्टी से क्यूँ नाराज हो? वह कहने लगे, भाई साहब आपकी पार्टी के नेताओ ने लोकसभा चुनावो में खुल कर मुख्तार अंसारी का साथ दिया, उनसे पैसे लिए और खुलेआम कहा कि अजय राय तो अमर सिंह …

Read on »


140 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , ,

Jan 20

ज्योति दा को अंतिम श्रद्धांजली

Posted by Amar Singh in General

आज मै सुबह कोलकोता पहुंचा. ज्योति बाबू कट्टर वामपंथी थे लेकिन उनके व्यक्तित्व की सहजता और सुगमता कुछ ऐसी थी कि विरोधी भी या तो उनका सम्मान करते थे या उनसे अनुराग रखते थे. विरोधी लोकशाही में दो धुरियों में एक धुरी की भांति होते है, ऐसा उनका मानना था. उनके जाने के साथ भारतीय राजनीति के एक युग का अंत हो गया. एक पत्रकार ने कोलकोता में मुझसे पूंछा, क्या ज्योति बाबू का कोई विकल्प है? मैने उनसे पूछा, क्या महान नायक उत्तम कुमार या महान पार्श्व गायक हेमंत कुमार का कोई विकल्प है? कुछ लोग कालजयी होते है और ज्योति बाबू भी एक कालजयी नेता थे.
हिंदी में ब्लॉग इसलिए लिख रहा हूँ ताकि मेरे नेता मुलायम सिंह खुद पढ़ …

Read on »


70 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , ,

Jan 17

ज्योति बाबू: एक विलक्षण प्रतिभा

Posted by Amar Singh in General

भारत एक प्रजातान्त्रिक देश है जिसमे सभी तरह की राजनैतिक विचारधाराओ को फलने-फूलने के समान अवसर मिलते है. हमारे देश जैसा इन्द्रधनुसीय राजनैतिक पटल शायद ही दुनिया के किसी और देश का होगा. एक ओर केंद्र में सत्ताधारी दल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा लगभग एक दर्ज़न राज्यों में सत्ता में काबिज है दूसरी तरफ वाम पंथी दल 3 राज्यों और बाकी राज्यों में शक्तिशाली क्षेत्रीय दल सत्ता में है. कभी ”सेकुलरिस्म” और “कम्युनलिस्म” के नाम पर बंटी हमारी राष्ट्रिय राजनीति में वामपंथी दलों ने वर्षो से अपनी एक अलग पहचान बना कर रखी है. वैसे तो वामपंथी दल वर्षो से सक्रिय रहे है परन्तु अलग अलग पंथो में बटे रहने …

Read on »


127 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , , , , ,

Jan 16

Cosmic Miracle: once in 1000 years

Posted by Amar Singh in General

Dear readers, I apologies to all of you for my emotional out burst in last few posts and also for being political because I am not here as a politician but just as another human being. Last few days have been very tiring due to the campaignfor Farhan, enormous number of calls from well wishers and pressure from media. I am thankful to all mighty God who has given me strength to deal with all this even in this depleted physical condition.
Yesterday …

Read on »


123 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , ,

Jan 14

मेरे एक शुभचिंतक के पत्र का जवाब

Posted by Amar Singh in Amar Singh Anecdotes, General

प्रिय गाजी जी,
मुम्बई पहुंचते  ही मैने आपका लिखा पत्र ब्लॉग में देखा, यकीन नहीं होता कि यह सच होगा. पता लगाने पर पुष्टि हुई कि कम से कम यह तो सच है कि रामगोपाल जी के दोनों बयानों (दिल्ली और सैफई वाले) के समय आदरणीय नेता जी दिल्ली और सैफई दोनों जगह मौजूद थे और पुराने समाजवादियों से दिल्ली में उनकी बैठक की भी पुष्टि हुई है. फिर भी संदेह के आधार पर क्या कहूँ? आज़म, नेता जी के दिल की पुरानी …

Read on »


140 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , ,

Jan 13

मैं चला प्रचार करने…

Posted by Amar Singh in General

प्रिय मित्रो, कल मै विदेश से सीधे मुंबई पुत्रवत फरहान आज़मी का चुनाव प्रचार करने पहुँच रहा हूँ, शायद कल मैने आपसे यही बात कही थी. मेरे लिए फरहान और अखिलेश में उसी तरह से कोई अंतर नहीं है जिस तरह से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र मेरे लिए एक सामान है. जिस तरह से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की प्रगति से सारे देश की प्रगति होती है उसी तरह से अखिलेश और फरहान जैसे युवा नेताओ के आगे बढ़ने से राजनीति आगे बढती है.
पिछली कुछ पोस्ट्स में मैने अपनी पार्टी की कुछ कार्य शैलियों  की आलोचना की थी. मै उन मुद्दों पर आज भी कायम हूँ. परन्तु यह सभी …

Read on »


96 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , , ,

Jan 12

आदरणीय नेताजी के नाम सन्देश…

Posted by Amar Singh in General

आदरणीय नेताजी, आपसे और अखिलेश से मैने संपर्क करने की बहुत कोशिश की पर किन्ही कारणों से हमारी बात फ़ोन पर नहीं हो पायी इसलिए मजबूरन मुझे यह सन्देश आप तक ब्लाग के जरिये पहुँचाना पड़ रहा है. मुझे पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम को देख कर अहसास हो रहा है कि यदि कोई भी अच्छा काम होता है तो उसका सारा श्रेय औरो को दे दिया जाता है परन्तु कुछ खराब होने पर सारा का सारा इल्जाम मेरे सर पर आ जाता है. पार्टी के कुछ नेताओ ने मुझ पर इल्जाम लगाया है कि पार्टी में फ़िल्मी सितारों और उद्योगपतियों की चकाचौंध मेरी वजह से आयी है …

Read on »


179 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , , ,

Jan 12

मेरे इरादे…

Posted by Amar Singh in Personal

मेरे प्रिय ब्लागर साथियों, पिछले कुछ दिनों से आप लोगो से मुझे जो प्यार मिला है उसके लिए मै आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया करता हूँ. शुरू-शुरू में मुझे लगा की शायद एक राजनैतिक आदमी होने की वजह से मुझे इस खुले मंच में काफी आलोचनाओ का सामना करना पड़ेगा क्यूंकि हमारे देश में राजनीति और उससे जुड़े लोगो की बहुत अच्छी  साख नहीं होती है. परन्तु यदा-कदा आलोचनाओ के अलावा आप लोगो ने मुझे बहुत अधिक उत्साहित किया है. मैने हमेशा से कोशिश की है जिन-जिन लोगो ने मेरी आलोचना की है उन्हें मै संतुष्ट करने वाले जवाब दू परन्तु फिर भी …

Read on »


80 Comments::Click Here To Add Your Comment »

Tags: , , , , ,

 Page 1 of 2  1  2 »